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पीयूष गोयल का सपना, कपड़ा उद्योग में नंबर 1 हो भारत अपना

कपड़ा उद्योग में नंबर 1

अभी पीयूष गोयल को कपड़ा उद्योग को संभाले कुछ ही दिन हुए हैं लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश तेज कर दी है। पीयूष गोयल केंद्रीय कैबिनेट के उन महत्वपूर्ण मंत्रियों में से हैं, जिन पर पीएम मोदी सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। शायद इसीलिए मंत्रिमंडल विस्तार में पीयूष गोयल को कपड़ा मंत्रालय जैसे विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। 

तेजी से होगा वस्त्र उद्योग का विकास

नरेंद्र मोदी ने जब से केंद्र की सत्ता संभाली है तभी से उनके मन में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को लेकर कई योजनाएँ हैं लेकिन कुछ जानी अनजानी परिस्थितियों की वजह से कपड़ा मंत्रालय उनके मन मुताबिक सारे कार्य नहीं कर पाया। पीएम को हमेशा से ही पता है कि वस्त्र उद्योग देश में सबसे ज्यादा रोजगार मुहैया कराने वाले उद्योगों में शामिल है लेकिन वस्त्र उद्योग में समय के साथ विकास नहीं हो पा रहा है और ये लंबे समय से बिल्कुल रुक सा गया है।

10 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य

इसीलिए नवनियुक्त कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने वस्त्र उद्योग की क्षमता को 10 गुना तक बढ़ाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर काम करना शुरू कर दिया है। पीयूष गोयल के मन में साफ है कि वो पीएम मोदी के मन मुताबिक कपड़ा उद्योग में तेजी से विकास के लिए भरपूर निवेश के लायक हालात तैयार करें जिससे टेक्सटाइल इंडस्ट्री में मुनाफा तो बढ़े ही साथ में रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिले। पीयूष गोयल ने जिस तरह से तेजी से अपने मंत्रालय के आला अधिकारियों के साथ बैठकें शुरू की हैं उनसे संकेत मिल रहे हैं कि केंद्र सरकार ने कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में रोजगार और निवेश को तेजी से बढ़ावा देने के लिए कई बड़े और नए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

कपड़ा मंत्रालय में कई प्रोजेक्ट पर काम

इसी सिलसिले में पीयूष गोयल ने मंत्रालय के अधिकारियों को एक विस्तृत कार्ययोजना बनाने का आदेश दिया है। हालांकि इस बारे में कोई समय सीमा नहीं तय की गई है लेकिन गोयल ने संकेत दिए हैं कि कपड़ा मंत्रालय फाइबर और हथकरघा से लेकर हस्तशिल्प तक हर उस क्षेत्र में प्रोजेक्ट बनाकर काम करे जिससे देश में नए उद्योग लग सकें और पुराने प्रतिष्ठानों में रोजगार बढ़ सके। इतना ही नहीं पीयूष गोयल की नजर कपड़ा उद्योग को निर्यात की उस ऊँचाई तक पहुँचाने पर भी है जिससे देश का खजाना भी विदेशी पूंजी से भर सके। मशीन से कपड़ा तैयार करने के साथ हथकरघा से बनने वाले कपड़ों के कई क्षेत्रों की भी पहचान की गई है।

लगभग 10 लाख करोड़ का है कपड़ा उद्योग

मौजूदा समय में,  देश में कपड़ा उद्योग करीब 140 बिलियन डॉलर यानी 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का होने का अनुमान है, जिसमें तैयार ड्रेस का हिस्सा आधे से ज्यादा है । एक अनुमान के मुताबिक  देश की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद में कपड़ा उद्योग की हिस्सेदारी करीब 2.3% है और यह रोजगार देने वाला सबसे बड़ा सेक्टर है, जिससे लगभग साढ़े चार करोड़ लोग सीधे तौर से जुड़े हैं।

उद्योगों को राहत देने पर काम

कपड़ा उद्योग में करीब 25 प्रतिशत उत्पादन का निर्यात होता है और सरकार इस निर्यात की प्रक्रिया को और आसान बनाने पर विचार कर रही है। हालांकि इस मामले में पहले से भी काम शुरू हो चुका था लेकिन उद्योग और व्यापार की गहरी समझ रखने वाले नए मंत्री पीयूष गोयल कपड़ा उद्योग पर लगने वाले राज्य और केंद्रीय करों के मुद्दे को तेजी से सुलझाने का मन बना चुके हैं। कपड़ा मंत्रालय के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि निर्यातकों को कॉन्ट्रैक्ट साइन करते समय ही करों के मामले में साफ-साफ और स्पष्ट शर्तें तय करने की सलाह दी जाए, जिससे बाद में किसी के लिए भी परेशानियाँ ना पैदा हों।

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