Health

क्या तीसरी लहर आनी तय है?

कोरोना है कि जाने का नाम ही नहीं ले रहा है। अभी तो ठीक से 50 दिन भी नहीं हुए, जब दूसरी लहर ने देश भर में आतंक मचा रखा था। आईसीयू और वेंटिलेटर तो छोड़िए अस्पताल में एक बेड और यहाँ तक कि ऑक्सिजन सिलिंडर के लिए भी मारामारी मची हुई थी। राज्यों के हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक रोजाना सरकारों को फटकार रहे थे। ये तो पता नहीं सरकारों ने अपने कर्तव्य को कितनी अच्छी तरह से निभाया लेकिन कई लोग ये मानते हैं कि किस्मत से ही सही लेकिन वो बुरा दौर बीत गया।


अप्रैल और मई के उस समय में फोन की हर घंटी और हर मैसेज दिल की धड़कनें बढ़ा देता था। हर कोई यही सोचता रहता था कि जाने कौन सी बुरी खबर सुनने को मिलेगी। आए दिन आईसीएमआर और नीति आयोग के बड़े नामी लोग टीवी स्क्रीन पर ज्ञान देने के लिए प्रकट होते थे, कभी किसी इंजेक्शन की बात होती थी तो कभी घर में सांसें बचाने की तरकीबें बताई जाती थीं। जान हथेली पर लेकर लोग अपनों की जान बचाने के लिए भटक रहे थे।


लेकिन हैरत की बात ये थी कि लाख समझाने के बाद भी मास्क लगाने में लोगों को आफत आ रही थी। आपस में दो गज की दूरी के बजाय लोग मास्क से ही दूरी बनाने में जुटे थे और उसका नतीजा पूरी दुनिया ने देखा। लेकिन वो हिंदुस्तानी ही क्या, जो ठोकर खाकर भी समझ जाए, हम लोग दूसरों की ठोकर से क्या खुद गिरने के बाद भी ना संभलने वालों में से हैं। इसीलिए राम-राम करते हुए दूसरी लहर से निकले और अब बिना मास्क के टहलकर तीसरी लहर को न्योता दे रहे हैं।


कोरोना की पहली ने तो केवल हल्का सा झटका ही दिया था लेकिन दूसरी लहर ने देखते ही देखते प्रलय का रूप ले लिया और हर गली मोहल्ले से लोगों की जानें जानी शुरू हो गईं। आज़ाद भारत के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ था, हम अमेरिका, यूरोप और ब्राजील के हालात देखकर भी नहीं चेते और भेड़ बकरियों की तरह से मौत के कुएं में छलांग लगानी शुरू कर दी।


अब जब फिर से शहरों की बाजारें अनलॉक हो गई हैं तो फिर से लोगों ने आपा खोना शुरू कर दिया है। बाजारें लोगों से पटी पड़ी हैं। ऐसा लगता है कि किसी को कोरोना का कोई डर नहीं रह गया है, लगता है मास्क से लोगों को नफरत हो गई है और एक साल की दूरियाँ पल भर में मिटाने की हर तरफ बेसब्री सी दिखाई दे रही है।


इन सबसे बढ़कर ये कि कहीं वैक्सीन की किल्लत है तो कहीं लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे। मतलब ये कि आ बैल मुझे मार में पूरा हिन्दुस्तान लगा हुआ है। इसीलिए जानकारों ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जतानी शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि अगस्त के तीसरे हफ़्ते से कोरोना फिर फैलना शुरू होगा और सितंबर में ये अपने पीक पर पहुंच जाएगा। अगर समय रहते लोगों ने खुद पर काबू नहीं पाया तो एक बार फिर जाने कितने लोगों को अपनों से बिछड़ना पड़ेगा।
बिन माँगी सलाह ये है कि कोरोना से बचने के लिए वैक्सीन लगवाने के साथ मास्क और दो गज की दूरी का नियम गांठ में बाँध लें, वरना हमारी लापरवाही हमें कहीं का नहीं छोड़ेगी।

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